Bihar
विक्रमशिला सेतु हादसा: पिलर ध्वस्त, बड़ा नुकसान टला

बिहार में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा देर रात ध्वस्त हो गया। रविवार रात करीब 11:55 बजे पिलर नंबर 133 में धंसाव शुरू हुआ और रात 1:07 बजे वह पूरी तरह गिरकर गंगा में समा गया।
क्या हुआ?
- पिलर के बैठने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की
- प्रभावित हिस्से को खाली कराया गया
- कुछ ही देर में पुल का स्लैब भी ध्वस्त हो गया
- राहत की बात: कोई जनहानि नहीं हुई
पहले से मिल रहे थे संकेत
सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने ही पिलर के प्रोटेक्शन वॉल में खिसकने और क्षति की खबर सामने आई थी। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसे अब प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है।
कितना नुकसान?
इंजीनियरों के मुताबिक, करीब 33 मीटर हिस्से को गंभीर क्षति पहुंची है। इससे पुल की संरचना पर असर पड़ा है और मरम्मत चुनौतीपूर्ण हो गई है।
आगे क्या?
- पुल फिलहाल आवागमन के लिए बंद रहेगा
- मरम्मत में 15 से 20 दिन लगने का अनुमान
- वैकल्पिक रूट से ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा
बड़ा सवाल
समय रहते चेतावनी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि मेंटेनेंस में लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है—हालांकि इस बार समय रहते खाली कराए जाने से बड़ी जानहानि टल गई।




