
बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने जा रहे हैं सम्राट चौधरी — वह नेता जिन्होंने दशकों की उठापटक भरी सियासी यात्रा के बाद अब राज्य की सत्ता की कुर्सी तक का सफर तय किया है।
पटना। बिहार की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले सम्राट चौधरी अब राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें सीएम पद के लिए चुना है। यह उनकी तीन दशकों से अधिक लंबी सियासी पारी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
1990 में हुई सक्रिय राजनीति की शुरुआत
सम्राट चौधरी ने साल 1990 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। शुरुआती दौर में वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ जुड़े और लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में अपनी पहचान बनाई। हालांकि, राजनीतिक सफर कभी सीधा नहीं रहा — 1995 में एक राजनीतिक मामले में उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी।
राबड़ी सरकार में बने कृषि मंत्री
जेल से बाहर आने के बाद सम्राट चौधरी ने एक बार फिर जोरदार वापसी की। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री के पद पर आसीन हुए। इस दौरान उन्होंने बिहार की कृषि नीतियों में अपना योगदान दिया और पार्टी में अपना कद और बुलंद किया।
परबत्ता से दो बार बने विधायक
वर्ष 2000 और 2010 में सम्राट चौधरी ने परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर अपनी जनाधार की ताकत साबित की। दोनों बार मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया और वे विधायक बनकर सदन पहुंचे।
2005 के बाद भी RJD के साथ रहे
जब 2005 में RJD सत्ता से बाहर हो गई, तब भी सम्राट चौधरी ने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। वे काफी समय तक लालू प्रसाद यादव के साथ डटे रहे। लेकिन वक्त के साथ उनके राजनीतिक विचारों में बदलाव आता गया।
2014 में JDU में आए, मांझी सरकार में बने मंत्री
साल 2014 में सम्राट चौधरी ने RJD का दामन छोड़ा और जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU में शामिल हो गए। इस कदम के बाद उन्हें जीतन राम मांझी की सरकार में शहरी विकास एवं आवास विभाग का मंत्रालय मिला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई।
2018 में BJP में हुए शामिल
बिहार की बदलती राजनीतिक जमीन के बीच सम्राट चौधरी ने 2018 में BJP का रुख किया और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। NDA सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्री का दायित्व सौंपा गया, जो उनके राजनीतिक करियर का एक अहम पड़ाव साबित हुआ।
तारापुर से जीत, और अब CM की कुर्सी
BJP में रहते हुए 2025 में उन्होंने तारापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। इस जीत ने उनकी सियासी साख को और मजबूत किया। अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है।
तीन दलों का सफर, एक मंजिल
RJD से JDU और फिर BJP — सम्राट चौधरी की यह राजनीतिक यात्रा बिहार की जटिल और बहुरंगी राजनीति का आईना है। तीन अलग-अलग पार्टियों में काम करते हुए उन्होंने हर बार खुद को साबित किया। अब जब वे बिहार की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं, तो यह उनके संघर्ष और अनुभव दोनों का फल है।
बिहार की जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें अब सम्राट चौधरी पर टिकी हैं — एक ऐसे नेता पर, जिसने हर मोड़ पर खुद को नए सिरे से खड़ा किया।



