
चीन में एक किसान ने मंगोलिया के दक्षिणी इलाके के दूरदराज घास के मैदान में दो चरवाहों की नौकरी के लिए विज्ञापन दिया।
हैरानी की बात यह रही कि इस नौकरी के लिए करीब 700 लोगों ने आवेदन कर दिया। इनमें यूनिवर्सिटी से पढ़े-लिखे ग्रेजुएट, ऑफिस में काम करने वाले लोग और फैक्ट्री कर्मचारी भी शामिल थे।
यह विज्ञापन कुछ ही घंटों में चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर 5.9 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया।
इस नौकरी में हर महीने लगभग 1 लाख रुपये (1178 डॉलर) वेतन और रहने की सुविधा दी जा रही थी। चीन के बड़े शहर शंघाई में मास्टर डिग्री करने के बाद भी लोगों को लगभग इतनी ही सैलरी मिलती है, जिसमें ज्यादातर पैसा किराए में ही खर्च हो जाता है।
इस साल चीन में करीब 1.27 करोड़ नए ग्रेजुएट नौकरी की तलाश में बाजार में उतर रहे हैं। वहीं बेरोजगारी और कम वेतन की समस्या लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा चीन में “9-9-6” कल्चर भी काफी चर्चा में है, जहां लोगों को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम करना पड़ता है। ऐसे माहौल में अब कई युवा शहरों की नौकरी छोड़कर शांत और कम तनाव वाली जिंदगी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।




