बिहार को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन, वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर का ऐलान

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड ट्रेन) चलाई जाएगी। यह ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी। रेल मंत्री के मुताबिक, यह परियोजना बिहार के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और आम लोगों को बड़ा फायदा होगा।
यह घोषणा यूनियन बजट 2026–27 के ठीक एक दिन बाद की गई है। बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया था। इन्हीं में से एक प्रमुख कॉरिडोर वाराणसी–सिलीगुड़ी है, जो बिहार की राजधानी पटना से होकर गुजरेगा।
16 लाख करोड़ रुपये की मेगा योजना
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार, 2 फरवरी को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन सातों हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल मिलाकर करीब 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इन कॉरिडोर का उद्देश्य देश के बड़े शहरों को तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल नेटवर्क से जोड़ना है।
बिहार को क्या होगा फायदा?
इस हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट से बिहार को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है—
वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा
व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा
रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
बिहार की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी
रेल मंत्रालय का मानना है कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि यह पूरे पूर्वी भारत के विकास की दिशा और गति दोनों बदल देगा।
कुल मिलाकर, वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बिहार के बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।




