पटना का ऐतिहासिक सुल्तान पैलेस होगा ध्वस्त, 100 साल पुरानी विरासत की जगह बनेगा फाइव स्टार होटल

पटना के सुल्तान पैलेस को अब ध्वस्त किए जाने की तैयारी है। बिहार सरकार ने इस ऐतिहासिक इमारत की जमीन को होटल परियोजना के लिए नीलाम कर दिया है। योजना के तहत यहां एक बड़ा फाइव स्टार होटल बनाया जाएगा। इसके साथ ही पटना के इतिहास और विरासत का एक अहम अध्याय भी खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
100 साल पुरानी विरासत
आर ब्लॉक के पास स्थित सुल्तान पैलेस का निर्माण 1922 में हुआ था। लगभग 22 लाख रुपये की लागत से बनी यह इमारत इंडो-सारसेनिक शैली की शानदार मिसाल मानी जाती है। यह महल भारतीय, यूरोपीय, मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का अनूठा संगम है।
जानकारों के अनुसार—
- मुख्य हॉल और डाइनिंग रूम की सजावट में 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल हुआ था
- सीढ़ियों के लिए लकड़ी म्यांमार (बर्मा) से मंगवाई गई थी
- खिड़कियों के रंगीन शीशे इटली से आए थे
- महिलाओं के लिए अलग जनाना महल बनाया गया था
इसकी नक्काशी प्रसिद्ध कारीगर मंजुल हसन काजमी ने की थी। सुल्तान अहमद ने इस भवन में मुगल और राजपूत शैली को विशेष महत्व दिया था।

आज़ादी और इतिहास का गवाह
सुल्तान पैलेस सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बिहार के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास का गवाह भी रहा है। इसकी खूबसूरती देखने देश-विदेश से लोग आते रहे हैं। कुछ वर्ष पहले यह महल तब चर्चा में आया था, जब यहां “भूत घूमने” की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
अब क्या बनेगा?
सरकार की योजना के मुताबिक—
- सुल्तान पैलेस की 4.8 एकड़ भूमि पर
- करीब 400 कमरों वाला फाइव स्टार होटल बनाया जाएगा
सरकार का तर्क है कि इससे पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन विरासत संरक्षण से जुड़े लोग इसे ऐतिहासिक धरोहर के नुकसान के रूप में देख रहे हैं।
बड़ा सवाल
क्या विकास के नाम पर ऐतिहासिक विरासत को मिटाना सही है?
सुल्तान पैलेस का ध्वस्त होना सिर्फ एक भवन का गिरना नहीं, बल्कि पटना की सांस्कृतिक पहचान के एक हिस्से का खत्म होना भी माना जा रहा है।




