अस्पतालों की मनमानी पर संसद में आवाज़: स्वाति मालीवाल ने उठाया गंभीर मुद्दा

आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने संसद में निजी अस्पतालों की मनमानी का गंभीर मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है और अस्पताल खुली लूट कर रहे हैं।
स्वाति मालीवाल ने सदन में कहा कि—
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही ₹50,000 से ₹1,00,000 तक एडवांस जमा कराया जाता है।
अस्पतालों के कमरों का किराया 5-स्टार होटलों से भी ज्यादा है।
बाहर की लैब रिपोर्ट मान्य नहीं की जाती, सिर्फ अस्पताल की जांच कराई जाती है।
जो दवाएं बाहर डिस्काउंट पर मिलती हैं, वही अस्पताल में पूरे दाम पर दी जाती हैं।
इलाज के बिल में थर्मामीटर, सैनिटाइज़र, मास्क, ग्लव्स जैसे छोटे सामान तक जोड़ दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग चार्ज, रूम रेंट और डॉक्टर विज़िट के नाम पर मरीजों को बेवजह आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है।
स्वाति मालीवाल ने मांग की कि अस्पतालों की मनमानी रोकने के लिए Clinical Establishment Act, 2010 को देश के सभी राज्यों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को न्याय और पारदर्शी इलाज मिल सके।
यह मुद्दा आम जनता से सीधे जुड़ा है और इस पर व्यापक बहस की जरूरत बताई जा रही है।




