फ्लाइट टिकटों की कीमतें आसमान पर, यात्रियों में नाराज़गी — एयरलाइंस पर मनमाना किराया वसूलने का आरोप

देश में हवाई यात्रा आम लोगों की पहुंच से लगातार दूर होती जा रही है। हाल ही में जारी किरायों के स्क्रीनशॉट देखकर लोग Shocked हैं।
✈ दिल्ली → मुंबई: ₹38,000 से ₹70,000
✈ दिल्ली → कोलकाता: ₹32,000 से ₹50,000
✈ दिल्ली → बेंगलुरु: ₹48,000 से ₹98,000
✈ दिल्ली → चेन्नई: ₹78,000 से ₹92,000
यह किराया सामान्य समय का नहीं, बल्कि इकोनॉमी क्लास का है — जहां पहले यही टिकट ₹5,000–₹7,000 में मिल जाते थे।
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❗“आपदा में अवसर” वाली मानसिकता?
उच्च मांग, कम फ्लाइट्स, नए नियम और एयरलाइंस की मनमानी — इन सबका सीधा नुकसान यात्रियों को हो रहा है।
लोग कह रहे हैं —
> “फ्लाइट लेना अब लग्ज़री नहीं, लूट बन चुकी है।”

🔍 सरकार और DGCA पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि किरायों को नियंत्रित करने का कोई मजबूत सिस्टम नहीं है।
भारत में फ्यूल की कीमत जैसे ही बढ़ती है, टिकट महंगा कर दिया जाता है…
लेकिन जब फ्यूल सस्ता होता है, किराए कभी कम नहीं होते।
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✈ क्या उड़ान अब सिर्फ अमीरों के लिए?
एक समय था जब हवाई यात्रा को “सबकी उड़ान” कहा जाता था।
आज स्थिति उलटी है —
लोग ट्रेन वेटिंग में फंसे रहते हैं और फ्लाइट किराए देखकर हिम्मत टूट जाती है।

🔚 नतीजा
एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा कम है, नियम ढीले हैं और बाजार पर कुछ कंपनियों का बड़ा कंट्रोल है।
➡ जिसकी वजह से
यात्री मजबूर हैं
कंपनियां फायदा उठा रही हैं
और टिकटों की कीमतें बेजोड़ और अनियंत्रित हो चुकी हैं।





