
गोपालगंज: बिहार पुलिस के आईपीएस अधिकारी और गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी अपनी अलग कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। आम लोगों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में बताई जाती है, जो सादगी के साथ काम करने और जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को प्राथमिकता देने में विश्वास रखते हैं।
विनय तिवारी की कार्यशैली की खास बात यह है कि वे बिना किसी पूर्व सूचना के जिले के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर पुलिस व्यवस्था और आम लोगों की स्थिति का जायजा लेते हैं। उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वे आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सोशल मीडिया और WhatsApp के माध्यम से भी उपलब्ध रहते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत मामले से मिली राष्ट्रीय पहचान
आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच के दौरान मिली थी। बिहार पुलिस की ओर से जांच के लिए उन्हें मुंबई भेजा गया था, जहां उन्हें क्वारंटाइन किए जाने को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी।
पुलिस अधिकारी के साथ कवि भी हैं विनय तिवारी
विनय तिवारी की पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं है। वे कविताएं भी लिखते हैं। उनकी रचनाओं में आम आदमी, गांव, गरीबी, भूख, संघर्ष, नदी, पहाड़ और जंगल जैसे विषयों की झलक देखने को मिलती है।
आईपीएस तक पहुंचने का उनका सफर भी मेहनत और अध्ययन से जुड़ा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान लंबे समय तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में सफलता हासिल की।
कानून के पालन पर जोर
पुलिस सेवा के दौरान विनय तिवारी की छवि एक ऐसे अधिकारी की बनी है जो कानून के अनुसार कार्रवाई पर जोर देते हैं। अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान प्रभावशाली लोगों के साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर उनके नाम की चर्चा होती रही है।
बिहार पुलिस में समय-समय पर कई ऐसे अधिकारी सामने आए हैं जिन्होंने अपनी कार्यशैली और पुलिसिंग के तरीके से आम लोगों के बीच अलग पहचान बनाई है। विनय तिवारी भी इसी कड़ी में एक चर्चित नाम हैं, जिनकी सादगी, जमीनी पहुंच और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर गोपालगंज में चर्चा बनी हुई है।



