BiharPolitics

पप्पू यादव को जिस केस में जेल भेजा गया, वह 1995 का पुराना मामला है—जानिए पूरा सच

पप्पू यादव को जेल भेजे जाने को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। लेकिन तथ्य यह है कि यह कोई नया मामला नहीं, बल्कि वर्ष 1995 का पुराना केस है, जो पटना के शास्त्री नगर थाना में दर्ज किया गया था।

इस केस का थाना कांड संख्या 552/1995 और GR संख्या 775/03 है। मामले में 30 अप्रैल 1996 को ही कोग्निजेंस लिया जा चुका था और 11 सितंबर 1998 को चार्ज फ्रेम भी हो गया था। इसके बावजूद बार-बार समन जारी होने के बाद भी पप्पू यादव और दो अन्य अभियुक्त अदालत में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके कारण कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।

मामला क्या था?

आरोप यह है कि 1994 में पहली बार सांसद बनने के बाद पप्पू यादव ने पटना में कार्यालय के लिए एक मकान रहने के नाम पर किराए पर लिया, लेकिन बाद में उसी मकान को ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करने लगे।

मकान मालिक मनोज बिहारी लाल रोज़ सैकड़ों लोगों के आने-जाने से परेशान हो गए और मकान खाली करने को कहा। जब मकान खाली नहीं किया गया, तो उन्होंने अदालत का रुख किया।

इस केस में पप्पू यादव के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद के नाम भी शामिल हैं, जो मकान किराए पर लेने की प्रक्रिया में शामिल बताए गए थे।

भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है?

कुछ लोग इसे सनसनीखेज बनाने के लिए तथ्य छुपा रहे हैं—कभी पुलिस द्वारा मुद्दा स्पष्ट न बताने की बात कही जाती है, तो कभी इस पुराने केस को पटना NEET हॉस्टल छात्रा मामले से जोड़ने की कोशिश की जाती है। जबकि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध नहीं है।

निष्कर्ष:

यह मामला पूरी तरह पुराना और कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा केस है। वर्तमान कार्रवाई अदालत के आदेशों और लंबित पेशियों से जुड़ी है, न कि किसी नए या असंबंधित प्रकरण से।

Related Articles

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Back to top button