77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में, कर्तव्य पथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल ने बढ़ाया उत्साह

देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह चरम पर है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल ने यह साफ कर दिया है कि इस बार का समारोह भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक होने वाला है। गणतंत्र दिवस परेड की यह रिहर्सल वास्तविक परेड से पहले की सबसे अहम कड़ी मानी जाती है, जिसमें हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को परखा जाता है।
फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों ने शानदार तालमेल और अनुशासन का प्रदर्शन किया। परेड में शामिल विभिन्न रेजिमेंट्स ने कदम से कदम मिलाकर मार्च किया, वहीं अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य ताकत की झलक भी देखने को मिली। वायुसेना के जांबाजों ने आकाश में करतब दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
इस रिहर्सल में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों ने भी भाग लिया। झांकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और विकास की उपलब्धियों को दर्शाया गया। हर झांकी अपने आप में देश की एक अलग पहचान और कहानी को बयां करती नजर आई।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी यह रिहर्सल बेहद महत्वपूर्ण रही। सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और दर्शकों की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस के दिन किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।
कर्तव्य पथ पर हुई यह फुल ड्रेस रिहर्सल न केवल तैयारियों की परीक्षा थी, बल्कि इसने देशवासियों में गर्व और उत्साह की भावना को और मजबूत किया है। अब सभी की निगाहें 26 जनवरी पर टिकी हैं, जब पूरा देश एक बार फिर अपने संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का उत्सव मनाएगा।




